शनिवार, 16 अप्रैल 2022

बेल का शरबत पीने के फायदे

 गर्मी के मौसम में सभी को रोजाना हेल्दी ड्रिंक्स (Healthy Drinks) का सेवन करना चाहिए। ताकि शरीर में ठंडक और एनर्जी लेवल बना रहे। ऐसे में बेल का शरबत (Bel Ka Sharabat) काफी फायदेमंद माना जाता है। क्योंकि बेल का शरबत एक हेल्दी ड्रिंक्स होता है। जिसको पीने से शरीर में एनर्जी बनी रहती है, साथ ही कई बीमारियां भी दूर होती है। क्योंकि बेल औषधीय गुणों से भरपूर होता है। बेल में आयरन, कैल्शियम, गुड फैट, फाइबर, विटामिन-सी, फॉस्फोरस, बीटा-कैरोटीन, थायमीन, राइबोफ्लेविन और प्रोटीन जैसी कई पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो शरीर के लिए फायदेमंद साबित होते हैं। आइए जानते हैं बेल का शरबत पीने के क्या-क्या फायदे होते हैं।


बेल का शरबत पीने के फायदे

1-बेल के शरबत में विटामिन सी की अच्छी मात्रा पाई जाती है, इसलिए इसका सेवन करने से रोग प्रतिरोधक (Immunity) क्षमता मजबूत होती है, जिससे आप कई बीमारियों के शिकार होने से बच सकते हैं।

2- गर्मी के मौसम में बेल का शरबत पीने से शरीर को ठंडक मिलती है। साथ ही शरीर हाइड्रेट (Hydrate) भी रहता है। क्योंकि बेल की तासीर ठंडी होती है।

3- बेल के शरबत का सेवन पेट के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है। क्योंकि इसको पीने से पाचन तंत्र मजबूत होता है। साथ ही कब्ज की शिकायत भी दूर होती है।

4- बेल के शरबत का सेवन महिलाओं के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है। क्योंकि बेल का शरबत पीने से ब्रेस्ट कैंसर का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है।

5- बेल के शरबत का सेवन करने से खून साफ होता है, जिससे त्वचा संबंधी कई परेशानियां दूर होती है। इसके लिए बेल के शरबत में थोड़ा सा शहद मिलाकर सेवन करना चाहिए।

6- बेल का शरबत कोलेस्ट्रॉल (Cholesterol) को कम करने में मददगार साबित होता है। इसलिए अगर किसी का कोलेस्ट्रॉल लेवल बढ़ा हो, तो उसे गर्मी के मौसम बेल के शरबत का सेवन करना चाहिए।



7- गर्मी के मौसम में लू और धूप लग जाने की वजह से अक्सर लोग बीमार पड़ जाते हैं, लेकिन अगर आप बेल के शरबत का सेवन करते हैं, तो बीमार पड़ने से बच सकते हैं।

8- जो लोग बढ़ते मोटापा से परेशान हैं, उनको बेल के शरबत का सेवन करना चाहिए। क्योंकि बेल के शरबत में फाइबर मौजूद होता है, जो वजन को कंट्रोल करने में मददगार साबित होता है।

9- बेल का शरबत डायबिटीज (Diabetes) के मरीजों के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है। क्योंकि बेल में लैक्सेटिव्स होता है, जो ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल में रखने में मदद कर सकता है।

रविवार, 3 अप्रैल 2022

पीठ में दर्द दर्द गैस बनने के कारण भी हो सकता है

 मांसपेशियों में तनाव, मांसपेशियों में ऐंठन, चोट, खराब शारीरिक मुद्रा में बैठना, मोटापा और अधिक वजन पीठ में दर्द के मुख्य कारण होते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं पीठ में गैस बनने पर भी दर्द महसूस हो सकता है। जी हां, जिस तरह पेट, सीने में गैस बनती है उसी तरह पीठ में भी गैस बन सकती है। पीठ में दर्द दर्द गैस बनने के कारण  भी हो सकता है। इस दौरान व्यक्ति को उल्टी, जी मिचलने जैसी समस्याएं भी हो सकती है। लेकिन सही लाइफस्टाइल की मदद से पीठ के गैस  को आसानी से निकाला जा सकता है।


जिस तरह पेट या सीने में गैस बनने पर दर्द महसूस होता है, ठीक उसी तरह पीठ में गैस बनने पर भी दर्द महसूस होता है। पीठ में गैस बनने पर भी कई लक्षण नजर आते हैं। 

जानें पीठ में गैस के लक्षण 

पीठ में गैस के कारण 

जब हम खाना खाते हैं और यह अच्छी तरह से पचता नहीं है, तो गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल ट्रैक्ट में गैस बन सकती है। यह गैस शरीर के किसी भी हिस्से में बन सकती है। पेट की सूजन और आंतों की गैस ऊपरी शरीर में हल्के से लेकर गंभीर समस्याओं का कारण बन सकती है। गैस तेज दर्द पैदा कर सकती है। गैस होने पर पूरा पेट भरा हुआ महसूस होता है, पेट में भारीपन का अहसास हो सकता है। यह गैस पीठ तक फैल सकता है, जिससे पीठ दर्द और सूजन हो सकती है। पेट के वायरस जैसी छोटी गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल समस्याएं भी तीव्र गैस दर्द का कारण बन सकती हैं। ब्लोटिंग, जो गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल ट्रैक्ट में गैस भरने से होती है, पीठ दर्द से जुड़े मामलों का कारण बनता है।

पठ में दर्द होना

पीठ दर्द के साथ जी मिचलानापीठ में गैस बनने पर आप कुछ बचाव टिप्स को भी फॉलो कर सकते हैं। इससे आपके शरीर में पाचन में सुधार होगा। आप पेट में दर्द, पीठ में दर्द, पेट में भारीपन आदि से बचेंगे। पीठ में गैस बनने पर ये उपाय आजमाएं-


गैस को रोककर न रखें। गैस निकलने दें

मल त्याग भी सही से करें। मल त्याग होने पर गैस से राहत मिलती है

खाना धीरे-धीरे और चबा-चबाकर खाएं

धूम्रपान से परहेज करें

मैदा, जंक फूड आदि खाने से परहेज करें

गैर-कार्बोनेटेड ड्रिंक्स पिएं। अपनी डाइट में फाइबर सही मात्रा में शामिल करें।



उल्टी

पेट और पीठ की मांसपेशियों में दर्द होना

पीठ में खिंचाव महसूस होना

पेट का दर्द पीठ तक पहुंचना



मंगलवार, 1 मार्च 2022

ਮਹਾਸ਼ਿਵਰਾਤਰੀ ਦੀਆਂ ਲੱਖ ਲੱਖ ਵਧਾਈਆਂ। 2022

 ਨਿਊਰੋਥਰੈਪੀ ਸੈਂਟਰ ਅੰਮ੍ਰਿਤਸਰ ਕੀ ਤਰਫ ਸੇ ਆਪ ਸਭ ਨੂੰ ਮਹਾਸ਼ਿਵਰਾਤਰੀ ਦੀਆਂ ਲੱਖ ਲੱਖ ਵਧਾਈਆਂ।  

ਭਗਵਾਨ ਸ਼ਿਵ ਤੁਹਾਨੂੰ ਅਤੇ ਤੁਹਾਡੇ ਪਰਿਵਾਰ ਨੂੰ ਨਿੱਘੀਆਂ ਅਸੀਸਾਂ ਬਖਸ਼ਣ।

#Mahashivaratri2022




रविवार, 27 फ़रवरी 2022

सर्विकल के लक्षण क्या हो सकते हैं?

 






आजकल लोग घंटों लैपटॉप और कंप्यूटर पर काम करते हैं. फोन पर गेम, मूवी और ऑनलाइन शॉपिंग ने स्क्रीन टाइम काफी बढ़ा दिया है. ऐसे में बहुत सारे लोग गर्दन और कंधे के दर्द से परेशान रहने लगे हैं. इसे सर्वाइकल पेन की समस्या कहते हैं. कोरोना महामारी के दौर में ये समस्या और ज्यादा बढ़ गई है. सर्वाइकल पेन में पूरे कंधे, पीठ और गर्दन में दर्द की समस्या रहती है. इसके अलावा लोगों को कई तरह की दूसरी समस्याओं का भी खतरा बढ़ जाता है. आपको बता दें कि सर्वाइकल स्पोंडिलोसिस या ऑस्टियोआर्थराइटिस के कारण होने वाला दर्द है. इससे गर्दन या कंधे सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं. अगर आपने समय पर इसका इलाज नहीं किया तो आगे चलकर ये बीमारी और ज्यादा गंभीर बन सकती है. हालांकि पोस्चर और कुछ व्यायाम को करने से सर्वाइकल के दर्द से राहत मिव सकती है. आप इन व्यायाम को कर सकते हैं. 


1- बालासन- सर्वाइकल पेन में एक्सरसाइज से काफी आराम मिलता है. आप रोज बालासन करें. इसे करने के लिए वज्रासन की मुद्रा में बैठ जाएं. अब दोनों हाथ को सिर की सीध में ऊपर की ओर ले जाएं. ध्यान रखें कि आपको हाथों को मिलाना नहीं है. अब सांस छोड़ते हुए आगे की तरफ हथेलियों को जमीन की ओर लेकर जाएं. बस सिर को भी ज़मीन पर रखें. आप इसे अपने हिसाब से 5-6 बार कर सकते हैं.  


2- भुजंगासन- लैपटॉप पर काम करने वालों को रोजाना कोबरा पोज़ जरूर करना चाहिए. इससे दिमाग शांत होता है और पूरी बॉडी को आराम मिलता है. इसे करने के लिए पेट के बल लेट जाएं. अब दोनों हाथों को सीने के पास लेकर आएं. इसे करते वक्त कोहनियां को पसलियों की ओर रखें. अब अपने सीने को ऊपर की ओर उठाएं और गहरी सांस लें. अब कंधों को घूमाते हुए सिर को पीछे की ओर ले जाएं. आखिर में सांस को छोड़ते हुए सीने को नीचे ले जाएं. 


3- मार्जरी आसन- इसे केट पोज भी कहते हैं. इसे करने से सर्वाइकल पेन में बहुत आराम मिलता है. इसे करने के लिए हाथ और पैरों के बल आ जाएं. अब सांस छोड़ते हुए सिर को सीने की ओर ले जाएं और कमर को ऊपर की ओर रखें. इससे पीठ और बॉडी में स्ट्रेच आएगा. इसे करने से ब्लड सर्कुलेशन अच्छा होता है. 


4- ताड़ासन- ताड़ासन करना आसान है. इसके लिए सबसे पहले सीधे खड़े हो जाएं. अब एड़ियों को एक-दूसरे से मिला कर रखें. अब दोनों हाथों को बगल की सीध में रखें और हथेलियों को आपस में मिला लें. अब हाथों को ऊपर खींचते हुए गहरी सांस लें और दोनों पंजों के बल खड़े होकर हाथों को ऊपर की ओर खींचें. थोड़ी देर ऐसे ही रहें और फिर धीरे-धीरे सांस छोड़ते हुए नॉर्मल स्थिति में आ जाएं.

शनिवार, 21 अगस्त 2021

89 Happy Birthday of Dr Lajpatrai Mehra celebrated Punjab

 89 Happy Birthday of Dr Lajpatrai Mehra celebrated Punjab

                                             


                                           




Dr. Lajpatrai Mehra @ Ramesh Kumar


                                                    Dr. Lajpatrai Mehra @ Ramesh Kumar


89th Happy Birthday of Dr Lajpatrai Mehra celebrated


HAPPY BIRTHDAY  OF Dr Lajpatrai Mehra Celebrated


 Dr. Lajpatrai Mehra is the pioneer in the evolution and research of non-medical healing technique – Neurotherapy. Dr. Lajpatrai Mehra was a karma yogi with great charisma and a vibrant personality. He was blessed with a tireless energetic body with a mind of a scientist and a heart of a saint. Right from his early life he had a great sense of enquiry and research. His passionate dedication was to give relief to the maximum number of patients. Dr. Lajpatrai Mehra respectfully called as “Guruji” blended scripts of philosophy with western anatomy and physiology and pioneered the modern form of Neurotherapy. Dr. Lajpatrai Mehra 

ONE DAY FREE CAMP




रविवार, 11 जुलाई 2021

क्या आपको भी होता है गर्दन के पीछे दर्द? न करें नजरअंदाज, इन तरीकों से पाएं निजात






 आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोगों की दिनचर्या काफी बदल गई है और ऐसे में लोग तरह-तरह की परेशानियों और बीमारियों के शिकार भी हो रहे हैं। गर्दन के पीछे दर्द भी इन दिनों की सबसे आम समस्या है। यह समस्या एक ही जगह पर ज्यादा देर तक बैठने, सही मुद्रा में न सोने और अचानक गर्दन में नस चढ़ने की वजह से हो सकती है। वैसे तो यह कोई बड़ी समस्या नहीं है, लेकिन अगर इसे ज्यादा समय तक नजरअंदाज किया, तो यह बड़ी समस्या जरूर बन सकती है। विशेषज्ञ कहते हैं कि यह छोटी सी समस्या आगे चलकर सर्वाइकल स्पोंडिलोसिस में बदल सकती है। गर्दन में दर्द और अकड़न, सिर दर्द और कंधे के आसपास दर्द या कंधे में अकड़न इसके आम लक्षणों में से हैं। वैसे यह समस्या आमतौर पर अधेड़ उम्र और बुजुर्गों की आबादी को प्रभावित करती है। अगर आप मध्यम आयु वर्ग के हैं तो संभव है कि गर्दन का दर्द आपकी उम्र से संबंधित हो। आइए जानते हैं कि इस दर्द से कैसे निजाप पाया जा सकता है? 

गर्दन के पीछे दर्द से छुटकारा पाने के उपाय 

  • अगर आपकी गर्दन में दर्द है तो इसे दूर करने के लिए नियमित रूप से व्यायाम करें। इसमें दो से तीन मिनट अपने सिर को आगे की ओर और पीछे की ओर घुमाएं। इससे गर्दन लचीली और इसके साथ-साथ मजबूत भी होती है। इसके अलावा सही मुद्रा में रहने और पर्याप्त धूप लेने से भी इस तरह के दर्द से छुटकारा पाया जा सकता है। 
  • दर्द बढ़े तो क्या करें? 
    • जब गर्दन के पीछे दर्द ज्यादा बढ़ जाए, तो पानी को हल्का गर्म कर लें और उसमें नमक डालकर सूती कपड़े से गर्दन की सिकाई करें। अगर दर्द से जल्दी राहत चाहिए, तो दिनभर में कम से कम तीन से चार बार सिकाई करें। इससे बहुत फायदा मिलेगा। इस बीच आप डॉक्टर से भी सलाह ले सकते हैं। 
    • दर्द बढ़े तो क्या करें? 
      • जब गर्दन के पीछे दर्द ज्यादा बढ़ जाए, तो पानी को हल्का गर्म कर लें और उसमें नमक डालकर सूती कपड़े से गर्दन की सिकाई करें। अगर दर्द से जल्दी राहत चाहिए, तो दिनभर में कम से कम तीन से चार बार सिकाई करें। इससे बहुत फायदा मिलेगा। इस बीच आप डॉक्टर से भी सलाह ले सकते हैं। 
      • खाने में पौष्टिक चीजें शामिल करें 
        • अगर आप अपने खाने में उन चीजों को शामिल करते हैं, जो आपको पोषण प्रदान करें, तो आपको किसी भी तरह के दर्द की समस्या होने की संभावना बहुत कम होगी। आप अपने आहार में विटामिन-डी और कैल्शियम से भरपूर चीजों को शामिल करें। 
        • ऐसा करेंगे तो नहीं होगी गर्दन के पीछे दर्द की समस्या 
          • जब भी बैठें या लेटें, तो ध्यान रखें कि गर्दन सीधी हो
          • जब भी गाड़ी चलाएं, पीठ को सीधा रखें 

          • अच्छे गद्दे पर सोएं 
          • सोते समय नरम और कम ऊंचाई वाला तकिया लगाएं